दैनिक नवप्रभात के संपादक के घर पर हमला
परिसर में अवैध दूध का ठेला लगाने का किया विरोध, 8 से 10 लोगों ने इमारत के कांच फोड़े
बजाजनगर थाने में एफआईआर दर्ज, पुलिस महकमा हमलावरों को ढूंढने में जुट गया
संपादक राकेश चौरसिया ने पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई और बंदोबस्त की लगाई गुहार
नागपुर : रामदासपेठ, प्लाट क्रमांक 27, नवप्रभात चेंबर्स इमारत के मालिक एवं दैनिक नवप्रभात के संपादक राकेश चौरसिया ने नवप्रभात चेंबर्स परिसर में एक अवैध दूध के ठेले वाले को अवैध दूध का ठेला लगाने से मना किया. अवैध दूध का ठेला लगाने से मना करने से गुस्साए अवैध दूध के ठेले वाले ने सोमवार की रात अपने कुछ साथियों को बुलाकर चौरसिया के साथ गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी.

इसके साथ ही परिसर से अवैध दूध का ठेला हटाने से पूरी तरह से इंकार कर दिया. चौरसिया के अनुसार इसके बाद देर रात अपने कुछ साथियों के साथ परिसर में पहुंचकर चौरसिया के मकान पर जमकर पत्थरबाजी की.
इस पत्थरबाजी में पहली मंजिल पर लगी खिड़कियों के कांच टूट गए और बड़े बड़े पत्थर भीतर तक पहुंच गए. पत्थरबाजी की जमकर बरसात होने की आवाज से चौरसिया जाग गए. इस बीच पत्थरबाज भाग निकले. चौरसिया परिवार बगल के भीतर के कमरे में सोया हुआ होने से बाल बाल बच गया. रात में चौरसिया ने इस हमले की जानकारी पुलिस को 112 क्रमांक पर दे दी थी.

मंगलवार की सुबह चौरसिया ने बजाजनगर थाने में पहुंचकर दूध के ठेले वाले सहित अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. पुलिस ने धारा 125, 190(1), 351(2), 190(2), 352 के तहत मामला दर्ज कर लिया. सुबह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा भी किया. पुलिस का दस्ता अवैध दूध के ठेले वाले सहित अन्य अज्ञात हमलावरों की खोज में जुट गई है.
रातभर दहशत के माहौल रहा परिवार : राकेश चौरसिया ने बताया कि 18 नवंबर की शाम को एक अज्ञात अवैध दूध के ठेले वाले ने नवप्रभात चेंबर्स परिसर में अपनी मर्जी से ठेला लगाया. इस बीच चौरसिया की पत्नी के साथ एक दिन के लिए ठेला लगाने की मंजूरी लेने की बात उसने रात में चौरसिया से कही.
इस पर चौरसिया ने उसे 19 नवंबर तक अन्यत्र स्थानांतरित होने का समय दिया, जिसे उसने मान लिया. दूसरे दिन चौरसिया के मना करने पर भी उसने अपना अवैध ठेला नहीं हटाया. 20 नवंबर को किसी काम से चौरसिया बाहरगांव चले गए. इस बीच उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए अवैध दूध के ठेले वाले ने अपना ठेला लगाना जारी रखा. 23 नवंबर को चौरसिया के लौटने पर उन्होंने अवैध दूध के ठेले वाले को तत्काल ठेला हटाने कहा. इस पर अवैध दूध के ठेले वाले ने बहस की.

उसने कहा कि वह अपना अवैध ठेला नहीं हटाएगा. तुमको जो बन सकता है कर लो. और गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी. इस पर चौरसिया ने बजाजनगर थाने में फोन करके अवैध दूध के ठेले वाले द्वारा धमकाने की जानकारी दी. पुलिस की टीम मौके पर पहुंचने के बाद अवैध दूध के ठेले वाले ने 1 से दो घंटे में हटने की तैयारी दिखाई.
और पुलिस दूध के ठेले वाले को समझाकर चली गई. इसके बाद अवैध दूध के ठेले वाले ने अपना रंग बदला और फिर से चौरसिया के साथ बदतमीली शुरू करते हुए परिसर से ठेला न हटाने की बात पर अड़ गया और फोन करके अपने कुछ साथियों को बुला लिया.
यहां फिर से बहस होने पर चौरसिया ने बजाजनगर पुलिस को बुलाने पर पुलिस जीप पहुंची. पुलिस के समझाने पर भी नहीं माना अवैध दूध का ठेले वाला : पुलिस ने अवैध दूध के ठेले वाले की दूकान बंद कराई, तब अवैध दूध के ठेले वाला और उसके अन्य साथी भी चले गए.
इसके बाद देर रात फिर 12 बजे के बाद चौरसिया की पहली मंजिल पर अवैध दूध का ठेले वाला और उसके साथियों ने जमकर पत्थरबाजी की. जिससे उनकी खिड़कियों कांच बुरी तरह टूट गए और पत्थर अंदर तक जा गिरे. इस पत्थरबाजी के बाद चौरसिया ने 112 पर फिर घटना की जानकारी दी.
रात में फिर पुलिस मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया. तब चौरसिया पुलिस के साथ थाने में एफआईआर दर्ज करने लिए उनके साथ गए. रात में एफआईआर न लेने के कारण मंगलवार को सुबह थाने में जाकर एपआईआर दर्ज की. चौरसिया ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की.
पॉश इलाके में असामाजिक तत्वों की दहशत
उपराजधानी के सबसे पॉश इलाके के तौर परिचित रामदासपेठ में सोमवार की देर रात नवप्रभात चेंबर्स जैसी इमारत पर पत्थरबाजी की घटना से दहशत का माहौल बना हुआ है. इस प्रकार की घटना से असामाजिक तत्वों का बोलबाला बढ़ता दिखाई दे रहा है. पुलिस प्रशासन से परिसर में रात्रि के समय गश्त बढ़ाई जाना आवश्यक हो गया है.


